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जो चीज पसंद आ जाती है/Hindi shayari sangrah

जो चीज पसंद आ जाती है इंसान उसे अपना बनाने की कोशिश जरूर करता है चाहे वह उसे मिले या ना मिले उसने मेरे दिल पर कब्जा किया है इसीलिए तो वह ठोकर मारकर चली जाती है और हम उफ तक नहीं करते मेरे दिल की सादगी को जिस दिन पहचान जाओगे खुद आकर कहोगी तुमसे प्यार करती हूं इतना करीब आकर दूर जाना पड़ा तो तन्हाई मुझे जिंदा छोड़ेगी नहीं जो चाहती हो मैं जिंदा रहूं दूर जाने की बात ना कहना कभी

मुझे धीरे धीरे कांटो पर चलने की आदत हो जाएगी/Hindi shayari Sangrah

मुझे धीरे धीरे कांटो पर चलने की आदत हो जाएगी मेरे सहन क्षमता को देखकर लोगों को मोहब्बत हो जाएगी जो सहारा देने को कतराते हैं विश्वास है कल हाथ मिलाने को मेरे करीब आएंगे

हमने गहराई से सोचा तो पाया/Hindi shayari Sangrah

हमने गहराई से सोचा तो पाया इतना शिकवा गिला अच्छा नहीं होता और इतना गुरुर अच्छा नहीं होता उसके लिए वफा करते रहते अगर मेरा दोस्त मुझसे बेवफा नहीं होता

जो दिल में हो खुलकर बता दो/Hindi shayari sangrah

जो दिल में हो खुलकर बता दो खामोश रहकर ना ऐसी सजा दो जुनून तुझमें मेरा पहले से ज्यादा हुआ मगर आपके इरादों का अभी तक ना कोई खुलासा हुआ

यह बात समझ में नहीं आती/Hindi shayari sangrah

यह बात समझ में नहीं आती उसके पीछे हमारी जिंदगी बर्बाद हो गई या फिर खुद अपनी जिंदगी को बर्बाद कर लिया मेरी नसीब ऐसी है या फिर अपने नसीब को ऐसा बना लिया

इश्क में अच्छे अच्छे लोग रो देते हैं/Hindi shayari sangrah

इश्क में अच्छे-अच्छे लोग रो देते हैं अपनी जान से भी ज्यादा चाहने वाले दोस्त को लोग कभी कभी खो देते हैं